दक्षेस को सफल बनाने के लिये कोई चार सुझाव दीजिए।​

‘दक्षेस’ दक्षिणी एशियाई देशों का एक संगठन है, जिसे ‘दक्षेस’ अर्थात ‘दक्षिण एशिया संगठन’ अंग्रेजी में ‘सार्क’ (SAARC) –  South Asian Association for Regional Cooperation के नाम से जाना जाता है।

इस संगठन में भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, मालदीव्स और अफगानिस्तान यह देश शामिल है। फिलहाल यह संगठन उतना अधिक सक्रिय नहीं है, जिस उद्देश्य के लिए इस संगठन का निर्माण किया गया था। यह संगठन वर्तमान समय में लगभग निष्किय संगठन ही है, क्योंकि इस संगठन के कई प्रमुख देशों में आपसी विवाद के कारण संगठन की गतिविधियां आगे नहीं बढ़ पा रहीं। विशेष कर भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी तनाव के कारण संगठन लगभग निष्क्रिया ही हो गया है।

‘दक्षेस’ संगठन को सफल बनाने के लिए चार सुझाव इस प्रकार हो सकते हैं…

  • सबसे पहले भारत और पाकिस्तान को अपने संबंधों को सरल और सहज करना होगा। भारत और पाकिस्तान अपने राजनीतिक तनाव को कम कर एक दूसरे से मधुर संबंधों को विकसित करना होगा, जिससे दक्षेस संगठन की सक्रियता बढ़े। भारत और पाकिस्तान इस संगठन के सबसे बड़े और प्रमुख देश हैं। उनकी सक्रियता के बिना इस संगठन की सफलता संभव नहीं।
  • दक्षेस को सफल बनाने के लिए राजनीतिक इच्छा शक्ति और सभी सदस्य देशों की प्रतिबद्धता भी महत्वपूर्ण है। इन सभी देशों को अपने-अपने निजी हितों को किनारे रखकर क्षेत्रीय सहयोग को प्राथमिकता देने के लिए एक समान क्षेत्रीय कार्यक्रम अपानाना होगा। संगठन के सभी देशों को अपने बीच आपसी व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना होगा ताकि संगठन की आर्थिक गतिविधियां बढ़ें। इस आर्थिक सहयोग से संगठन संपन्न और समृद्ध होगा।
  • संगठन को सफल बनाने के लिए यह भी आवश्यक है कि संगठन के सभी देशों के बीच दक्षिणी एशिया में जो भी क्षेत्रीय विवाद हैं, उनका निपटारा किया जाए और इसके लिए एक देश दूसरे देश के साथ सहयोग करें। दक्षिण एशिया में शांति स्थापित करने संगठन की अहम भूमिका हो सकती है।
  • दक्षिण संगठन के सभी देशों की भौगोलिक परिस्थियां, पहनावा, खान-पान और संस्कृति लगभग एक सामान ही है। ऐसी स्थिति सभी देश एक समान सूत्री कार्यक्रम को लेकर आगे बढ़ सकते हैं।

निष्कर्ष

ये कुछ उपाय है जिनके द्वारा ‘दक्षेस’ को मजबूत बनाया जा सकता है। अगर ‘दक्षेस’ मजबूत होगा तो दक्षिण एशिया के सभी देशों को भी इससे लाभ ही होगा।


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