शिक्षक दिवस (निबंध)

निबंध

शिक्षक दिवस

 

प्रस्तावना

शिक्षा हर किसी के जीवन की आवश्यकता है। जीवन में एक सभ्य और सफल व्यक्ति बनने के लिए शिक्षा की भूमिका को नकारा नही जा सकता। बिना शिक्षा के कोई भी व्यक्ति सभ्य एवं सुसंस्कृत नहीं बन सकता। शिक्षा व्यक्तित्व की संरचना के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

शिक्षा को प्रदान करना वाला शिक्षक हमारे जीवन में एक महत्वूपूर्ण भूमिका निभाता है। शिक्षा जिसकी सहायता से प्राप्त की जाती है, वह शिक्षक ही होता है। कहने का तात्पर्य यह है कि शिक्षक ही किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण का मुख्य सूत्रधार होता है। वह किसी मनुष्य के उज्जवल व्यक्तित्व के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। किसी छात्र को जितना अच्छा शिक्षक मिलेगा, जितनी अच्छी शिक्षा पाई होगी, उसका जीवन उतना ही उज्जवल बनेगा।

गुरु (शिक्षक) का महत्व

हमारी भारतीय संस्कृति में गुरु को हमेशा महत्व दिया गया है। गुरु को ईश्वर से भी ऊपर स्थान दिया गया है। गुरु भी हैं, जो हमें सच्चा मार्ग दिखाते हैं और हमें ईश्वर को समझने की बुद्धि प्रदान करते हैं। गुरु ही हमें जीवन को जीने की समझ प्रदान करते हैं। गुरु यानी शिक्षक कुम्हार की तरह होता है, जो मिट्टी रूपी छात्र को आकार देकर सही पात्र बनाता है और उसे उपयोगी बनाता है। इसीलिए शिक्षक दिवस गुरु यानी शिक्षक को विशिष्ट सम्मान प्रदान करने का विशिष्ट दिन है।

शिक्षक की भूमिका

शिक्षकों की समाज में भूमिका नकारी नहीं जा सकती क्योंकि शिक्षक व्यक्ति को सभ्य एवं संस्कारी बनाने में सहायता करता है। समाज में ऊंचे ऊंचे व्यक्तित्व का निर्माण शिक्षा के माध्यम से ही होता है, शिक्षा शिक्षक की सहायता से प्राप्त की जाती है।

शिक्षक समाज निर्माण की सरंचना में मुख्य धुरी के समान कार्य करते है, क्योंकि वह देश और समाज के भविष्य के नागरिकों को तैयार करते हैं जिनके हाथ में आगे चलकर देश और समाज की बागडोर जाने वाली है। समाज के इतने महत्वपूर्ण व्यक्ति को किसी विशेष दिन पर सम्मानित करने के लिए और वो विशेष दिन शिक्षकों को समर्पित करने को ही शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

शिक्षक दिवस शिक्षकों का वह विशेष दिन होता है, जब शिक्षक अपने पूरे साल के श्रम के बाद विशेष रूप सम्मानित होकर अनोखी खुशी महसूस करता है और उसे एक नई ऊर्जा मिलती है। इसके अलावा शिक्षक दिवस वह विशेष दिन भी होता है, जिस दिन विद्यार्थी अपने शिक्षक-गुरु को विशेष रूप से आदर और सम्मान प्रदर्शित करके शिक्षक द्वारा अपने जीवन में दिये गये योगदान को याद करता है।

शिक्षक दिवस का महत्व

शिक्षक समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वह समाज के मुख्य घटक यानि मनुष्य को एक अच्छा नागरिक बनने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इसीलिए शिक्षकों के योगदान को याद करना और उन्हें विशेष सम्मान देना किसी एक दिन के दायरे में नहीं, लेकिन कोई एक दिन उनके लिए पूरी तरह समर्पित हो, यह भी आवश्यक है।

शिक्षक दिवस यही वह दिन है, जो शिक्षकों के प्रति पूरी तरह समर्पित होता है, इससे शिक्षकों को एहसास होता है कि वह जो कार्य कर रहे हैं, वो कितना महत्वपूर्ण है। जब शिक्षकों को चारों तरफ से सम्मान मिलता है, तो वह इस सम्मान से ओतप्रोत हो जाते हैं और उनके अंदर एक नई ऊर्जा का संचार होता है। जिससे वह अपना कार्य और अधिक तत्परता से कर पाते हैं।

शिक्षक दिवस विद्यार्थी और शिक्षक के बीच आत्मीय संबंधों को और अधिक मजबूत करने का एक विशेष दिन है। जिस दिन दोनों अपने संबंधों पुनः उर्जित करते हैं।

शिक्षक दिवस 5 दिसंबर को इसलिए भी मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन भारत के पहले उपराष्ट्रपति और उसके बाद भारत के दूसरे बनने वाले दूसरे प्रधान राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था और वह खुद स्वयं हम सभी को अपने शिक्षकों के प्रति पूरे वर्ष के अलावा इस विशेष दिन विशिष्ट सम्मान करने अवश्य करना चाहिए।

हमें शिक्षक दिवस के दिन उनका विशेष रूप से अभिनंदन करके उनके प्रति कृतज्ञता का भाव प्रकट करना चाहिए। उन्हें हमेशा धन्यवाद करना चाहिए कि उन्होंने हमारे जीवन को सही आकार देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


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