रक्षाबंधन पर निबंध।

निबंध

रक्षाबंधन

 

रक्षाबंधन का त्यौहार भारत में मनाया जाने वाला भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक एक त्यौहार है। यह त्यौहार भारतीय संस्कृति का अटूट हिस्सा है। ये त्योहार भारत में प्राचीन काल से ही भाई-बहन के प्रेम-स्नेह के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता रहा है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है।

रक्षा बंधन कब मनाते हैं?

रक्षा बंधन के त्यौहार को प्रत्येक वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। ग्रेगरियन कैलेंडर के अनुसार यह त्योहार अगस्त माह में पड़ता है।

क्यों मनाते हैं?

इस त्यौहार के पीछे अनेक कहानियां हैं, जिनके कारण ये त्योहार भारतीय संस्कृति में प्रचलित हुआ। हर त्योहार को मनाने के पीछे एक मान्यता, घटना या कहानी छिपी होती है, जिसके कारण वो त्योहार मनाना प्रचलित होता है। रक्षाबंधन भी ऐसा ही एक त्योहार है।

एक कहानी के अनुसार महाभारत काल में द्रौपदी ने श्रीकृष्ण की उंगली पर चोट लग जाने के कारण अपनी साड़ी का टुकड़ा फाड़कर उनकी उंगली पर बांध दिया, जिससे खून का बहना रुक गया और उस समय श्रीकृष्ण ने द्रौपदी को अपनी बहन मान लिया और द्रौपदी की रक्षा का वचन दिया। श्रीकृष्ण ने अपना ये वचन द्रौपदी का चीरहरण होने पर उनकी रक्षा करके निभाया भी था।

इसी तरह की कुछ अन्य कहानियों और घटनाओं के कारण रक्षाबंधन का त्योहार मनाने का प्रचलन हुआ। ये त्योहार के केवल हिंदू संस्कृति के त्योहार के तौर पर ही नही बल्कि अन्य धर्मों के लोग भी भाई-बहन के इस त्योहार को मनाते है।

कैसे मनाते हैं ?

इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है उसे तिलक लगाती है, और मिठाई खिलाती है। भाई अपनी बहन को कोई उपहार देता है। बहन अगर विवाहित है तो वह अपने भाई को राखी बांधने उसके घर आती है, या भाई स्वयं अपनी बहन से राखी बंधवाने उसके घर जाता है। भाई-बहन का ये स्नेह संबंध जीवन पर्यन्त कायम रहता है।

भाई बहन के प्रेम का प्रतीक है ये त्योहार

यह त्यौहार भाई बहन को स्नेह ही की डोर में बांधता है। इस दिन भारतीय घरों में संसार में जहाँ भी भारतीय रहते हैं, उन घरों में बहने अपने भाईयों को राखी बांधती हैं। ये राखी ही रक्षा सूत्र का प्रतीक है। भाई की कलाई पर राखी बांधकर बहन अपने भाई से जीवन भर अपनी रक्षा करने का वचन लेती है। भाई भी अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है। भाई द्वारा बहन की रक्षा करना एक प्रतीक के तौर पर है। इस त्योहार का असली उद्देश्य भाई-बहन के संबंंधो को और मजबूत करना है।

क्या यह त्योहार केवल भाई-बहन तक ही सीमित है?

नहीं, ऐसा नहीं है कि यह त्यौहार केवल भाई-बहन के बीच ही मनाया जाता है, यानी बहन ही भाई को राखी बांधती है। यह त्योहार अन्य संबंधों का प्रतीक भी है। रक्षा सूत्र के तौर पर बहन भाई को ही नहीं बल्कि भाई भाई को, बहन बहन को, बुआ भतीजे को, पत्नी पति को, मित्र मित्र को राखी बांध सकती है। अब यह त्यौहार केवल भाई बहन के स्नेह के अलावा अन्य व्यापक रूप लेता जा रहा है।

उपसंहार

भारतीय त्योहार किसी न किसी विशिष्ट उद्देश्य से जुड़ें होते हैं। भारत त्योहारों का देश है। उत्सवधर्मिता भारत की पहचान है। हर माह भारत में कोई न कोई विशिष्ट त्योहार होता है। त्योहार जीवन के उल्लास का प्रतीक होते हैैं। रक्षाबंधन का त्योहार भी भाई-बहन के प्रेम-स्नेह और अधिक प्रगाढ़ करने का एक त्योहार है। ये त्योहार अब भाई-बहन के स्नेह बंधन से दायरे से और विस्तार करता हुआ अन्य संबंधों को भी मजबूत करता है।


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