बेफिक्र होकर सो जाने का दूसरा नाम ‘आजादी’ क्यों नहीं है?

बेफिक्र होकर सो जाने का दूसरा नाम आजादी इसलिए नहीं है, क्योंकि आजादी हमें बेफिक्र होकर सो जाने के लिए नहीं मिली है। आजादी अपने साथ जिम्मेदारियों का भार लेकर आती है। यदि हमें आजादी मिली है तो हमें आजादी के साथ कुछ उत्तरदायित्व भी मिले हैं, हमें उन उत्तरदायित्वों का निर्वहन करना होगा। यदि हम बेफिक्र होकर सो जाएंगे तो हमारी आजादी खतरे में पड़ सकती है। अपनी आजादी को निरंतर बनाए रखने के लिए हमें हमेशा सदैव सचेत रहना पड़ेगा। सचेत रहकर ही अपनी आजादी को कायम रखा जा सकता है। इस संसार में आजादी और अधिकारों का हनन करने वालों की कमी नहीं। यदि हम सचेत नहीं रहेंगे तो कोई भी हमारी आजादी को छीन सकता है, हमारे अधिकारों का हनन कर सकता है इसलिए बेफिक्र होकर सो जाने का अर्थ आजादी नहीं है, क्योंकि तब हमारी आजादी पर संकट की छाया मंडरा रही है। यदि हम अपने उत्तरदायित्वों के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए आजादी का प्रयोग करेंगे, तभी आजादी का अर्थ सार्थक है।


Other questions

यदि सरदार पटेल ने रियासतों को भारतीय संघ में न मिलाया होता तो क्या होता?

भारत विश्व में शांति कैसे स्थापित कर सकता है?

Related Questions

Recent Questions

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here