शिक्षा के विकास में सूचना और संचार की क्या भूमिका है?

शिक्षा के विकास में सूचना और संचार की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सूचना एवं संचार के माध्यम से शिक्षा को दूर-दराज इलाकों तक पहुंचा जा सकता है। सूचना एवं संचार वह माध्यम है, जिनके द्वारा शिक्षा का विस्तार किया जा सकता है। सूचना एवं संचार के माध्यम से शिक्षा की पहुंच हर किसी तक बनाई जा सकती है।

दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्र या दुर्गम क्षेत्रों में जहाँ पर बड़े विद्यालय खोल पाना संभव नहीं हो अथवा विद्यालय खोल पाने में कठिनाई हो रही हो, ऐसी स्थिति में वहाँ सूचना एवं संचार के माध्यम से वहाँ के बच्चों को शिक्षित किया जा सकता है। सूचना एवं संचार के माध्यम में समाचार-पत्र, टीवी, रेडियो, कंप्यूटर, इंटरनेट आदि प्रमुख हैं।

इन सभी सूचना-संचार माध्यमों से शिक्षा की प्रचार-प्रसार को बढ़ाया जा सकता है। आज का युग सूचना एवं संचार का युग है और ऑनलाइन शिक्षा इसी सूचना एवं संचार के कारण ही संभव हो पाई है। आज कोई भी विद्यार्थी शिक्षा से संबंधित हर समस्या का समाधान घर पर बैठे-बैठे सूचना-संचार के माध्यम जैसे मोबाइल, कंप्यूटर आदि के द्वारा आसानी से प्राप्त कर सकता है। जब सूचना एवं संचार के साधन बहुत अधिक विकसित नहीं हुए थे। तब शिक्षा का प्रचार-प्रसार भी कम था जो सूचना एवं संचार के नए-नए साधन विकसित होते गए वैसे-वैसे शिक्षा का प्रचार-प्रसार भी बढ़ता गया।

निष्कर्ष : हम कह सकते हैं कि शिक्षा के विकास में सूचना एवं संचार की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका होती है।


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