संकट की स्थिति का सामना करने के लिए बच्चों में कौन-कौन से गुण होने चाहिए।

संकट एक हिन्दी शब्द है जिसका तात्पर्य है मुसीबत । संकट एक कष्टकारी स्थिति है जिसकी आशा नहीं की जाती और जिसका निदान पीड़ा (शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, अथवा सामाजिक) से मुक्ति के लिये अनिवार्य है । हर व्यक्ति के जीवन में एक वक्त ऐसा जरूर आता है जब व्यक्ति को परेशानियों का सामना करना पड़ता है । दरअसल, इस धरती पर जिसने भी जन्म लिया है उसका सुख-दुख से सीधा नाता होता है और बुरा वक्त हमारी परीक्षा लेने के लिए आता है ।

इसलिए बच्चों को संकट की स्थिति में सबसे जरूरी है कि वह धैर्य और साहस न खोएँ तभी वह सफलतापूर्वक अपने-अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं | संघर्ष करने से घबराना नहीं चाहिए । जो संघर्ष करने से घबराते हैं वे पराजय का मुंह देखते हैं । संकट कभी बताकर नहीं आता है और जो भी किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए हर समय तैयार रहते हैं और सावधानी की स्थिति में रहते हैं वे अवश्य सफल होते हैं । व्यक्ति को घबराना नहीं चाहिए ।


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