आप सीमा पर तैनात सैनिक नहीं हो है, परंतु फिर भी आप देश की सेवा कर सकते हैं, कैसे?​

हम सीमा पर तैनात सैनिक नहीं है, फिर भी हम अपने देश की सेवा कर सकते हैं। देश की सेवा करने के लिए ना ही सैनिक बनना जरूरी है और ना ही सैनिक बनकर देश की सीमा पर तैनात होना आवश्यक है।

इस बात को कहने का यह मतलब ये नहीं है कि सीमा पर तैनात सैनिक देश की सेवा नहीं करते। वह तो देश की तन-मन से सेवा करते ही हैं और देश की सीमा की रक्षा के लिए सजग प्रहरी के रूप में खड़े रहते हैं। यहाँ पर कहने के तात्पर्य ये है कि सैनिक बनकर सुरक्षा के लिए देश की सीमा पर तैनात होना देश सेवा का ही एक तरीका है।

इसी तरह देश सेवा करने के लिए कई तरह के तरीके हैं। एक खिलाड़ी भी देश के लिए पद जीतकर देश का नाम ऊँचा करके देश की सेवा ही करता है। एक वैज्ञानिक भी अपने शोध और आविष्कारों द्वारा देश की सेवा ही करता है। इस तरह अलग-अलग क्षेत्रों के लोग अपने विशिष्ट क्षेत्र में अपना योगदान देकर देश की सेवा कर सकते हैं।

देश की सेवा करने के लिए सैनिक बनना ही आवश्यक नहीं हम एक सच्चा और आदर्श नागरिक बनकर भी अपने देश की सेवा कर सकते हैं।

देश सेवा करने का तात्पर्य यह है कि हम अपने देश के लिए ऐसा कार्य करें जिससे हमारे देश का नाम ऊंचा हो, हमारा देश विकास के पथ पर तीव्र गति से दौड़े, हमारे देश का किसी भी दृष्टि से नुकसान ना हो, हमारे देश की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो।

सैनिक ना रहते हुए भी हम अपने देश की सेवा कर सकते हैं, उसके लिए निम्नलिखित तरीके हो सकते हैं…

  • देश का ईमानदार नागरिक बनते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
  • देश में सरकार द्वारा जो भी योग्य टैक्स है, उन्हें सही समय पर चुकाएं। जिससे देश का आर्थिक नुकसान ना हो। टैक्स चोरी करने की कोशिश कभी भी ना करें।
  • देश के संविधान में लिखित सभी कानूनों का उचित पालन करें। कोई भी गैरकानूनी कार्य न करें।
  • देश की जो भी सार्वजनिक संपत्ति है, उसे किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाएं। किसी भी आंदोलन या हड़ताल आदि में हिस्सा लेते समय उग्र होकर देश की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान ना पहुंचाएं।
  • यदि रेल में यात्रा करें तो रेल के समान के साथ छेड़छाड़ ना करें। ना ही किसी अन्य सार्वजनिक परिवहन के साधन के साथ छेड़छाड़ करें।
  • ना तो भ्रष्टाचार करने की कोशिश करें और ना ही किसी भ्रष्टाचारी का साथ दें। यदि कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत मांग रहा है तो उसे किसी भी तरह के रिश्वत देने की कोशिश ना करें और रिश्वत मांगने पर उसकी शिकायत करें।
  • अपने देश की भाषा, संस्कृति, संविधान सभी का सम्मान करें।
  • देश के सभी नागरिकों के साथ प्रेम एवं सौहार्द से रहें। धर्म जाति के आधार पर किसी के साथ भेदभाव ना करें।
  • देश चुनावी प्रक्रिया में भी ईमानदारी से अपनी भागीदारी करें और योग्य एवं उचित प्रतिनिधि चुने ताकि देश में एक स्वस्थ और ईमानदार सरकार बने।

इस तरह के उपाय अपनाकर एक सच्चा और देशभक्त नागरिक होने का प्रमाण दे सकते हैं। यह भी देश सेवा का एक अलग रूप है।


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