गृहलक्ष्मी’ में कौन सा समास है?

‘गृहलक्ष्मी’ में समास को पहचानते हैं…

गृहलक्ष्मी : गृह की लक्ष्मी

गृहलक्ष्मी : तत्पुरुष समास

तत्पुरुष समास का उपभेद : संबंध तत्पुरुष


स्पष्टीकरण :

‘गृह लक्ष्मी’ में ‘तत्पुरुष समास’ होगा। यहाँ पर तत्पुरुष समास का उपभेद संबंध तत्पुरुष समास लागू होगा।

तत्पुरुष समास में द्वितीय पद प्रधान होता है। ‘गृहलक्ष्मी’ में भी द्वितीय पद प्रधान है। संबंध तत्पुरुष वहाँ पर लागू होता है जहां पर दोनों पदों के बीच संबंध दर्शाया जाए। संबंध तत्पुरुष में योजक चिन्हों ‘का’, ‘की’, ‘के’, ‘को’ आदि द्वारा प्रकट किया जाता है। तत्पुरुष समास की परिभाषा के अनुसार जब दोनों पदों में दूसरा पद प्रधान हो तो वहाँ तत्पुरुष समास होता है।

जैसे
मोहबंधन : मोह का बंधन
प्रसंगोचित : प्रसंग के अनुसार
राजकन्या : राजा की कन्या
देवालय : देव का आलय

समास से तात्पर्य शब्दों के संक्षिप्तीकरण से होता है। हिंदी व्याकरण की भाषा में समास उस प्रक्रिया को कहते हैं, जब दो या दो से अधिक पदों का संक्षिप्तीकरण करके एक नवीन पद की रचना की जाती है।


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