छुट्टियां में पढ़ाई करना जरूरी है तो छुट्टियां दी ही क्यों जाती है? इस विषय में आप क्या सोचते हैं​?

विचार/अभिमत

 

हमारे विचार से छुट्टियों में की जाने वाली पढ़ाई और स्कूल खुले होने के समय की जाने वाली पढ़ाई में अंतर है। जब विद्यालय में गर्मी या सर्दी की लंबी छुट्टियां पड़ती हैं तो इन छुट्टियों में भी स्कूल की तरफ से कुछ होमवर्क दिया जाता है। इस होम वर्क को किए जाने का उद्देश्य यह होता है कि छात्र पढ़ाई से पूरी तरह विमुख नहीं हो जाए।

यदि आप सोचते हैं कि जब छुट्टियों में भी पढ़ाई ही करनी है तो छुट्टियां दी ही क्यों जाती हैं तो आपको छुट्टियों में मिलने वाले होमवर्क और स्कूल खुले होने के समय की जाने वाली पढ़ाई के बीच अंतर को समझना होगा।

छुट्टियों में स्कूल की तरफ से जो भी होमवर्क दिया जाता है, वह बहुत अधिक नहीं होता। दिन में आधा या एक घंटा पढ़ाई करके भी वह होमवर्क निपटाया जा सकता है और बाकी समय अपनी छुट्टियों का आनंद लिया जा सकता है। लेकिन जब स्कूल में पढ़ाई चल रही होती है, तब जो भी होमवर्क मिलता है, उसमें काफी समय लगता है क्योंकि वह अगले दिन स्कूल में पेश करना होता है। उसके अलावा स्कूल आने-जाने में समय लगता है। स्कूल में पढ़ाई करने में समय लगता है।

छुट्टियों में यह सब कार्यों से मुक्ति मिल जाती है। छुट्टियों में विद्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, इसीलिए छात्र के पास काफी समय होता है। उसे जो भी होमवर्क मिलता है, वह उसे अगले दिन ही स्कूल में देना है, ऐसी भी कोई बंदिश नहीं होती। छुट्टियां समाप्त होने पर जब विद्यालय खुलेंगे तब उसे अपना होमवर्क देना होता है।

यदि 7 दिन की छुट्टी पड़ी है तो विद्या छात्र चाहे तो 6 दिन छुट्टियों का आनंद लेकर एक दिन पूरी तरह पढ़ाई के लिए दे सकता है और अपना होमवर्क निपटा सकता है, या सातों दिन थोड़ा-थोड़ा कार्य करके अपना होमवर्क निपट सकता है। 7 दिन से अधिक की छुट्टियों पर भी ऐसा किया जा सकता है।

छुट्टियों में दिए जाने वाला पढ़ाई का काम विद्यार्थी को पढ़ाई से पूरी तरह विमुख करने से रोकना होता है। यदि छुट्टियों में कुछ भी होमवर्क नहीं दिया जाएगा तो विद्यार्थी अपना ध्यान पूरी तरह से पढ़ाई से हटा लेगा। ऐसी हालत में वह अपने याद किए हुए पाठ भूल सकता है।

निष्कर्ष

इस तरह हमारे विचार में ये निष्कर्ष निकलता है कि छुट्टियों में स्कूल द्वारा जो होमवर्क दिया जाता है वह बिल्कुल उचित है। इससे विद्यार्थी अपने पढ़ाई से जुड़ा रहता है। उसकी पढ़ाई का फ्लो नही टूटता है और स्कूल खुलने पर वह बिना किसी परेशानी के अपनी पढ़ाई जारी रख सकता है। इसके विपरीत वह होमवर्क न मिलने पर अपनी सारी छुट्टियां यूँ ही खेलते-कूदते और घूमते-फिरते बिता देगा और जब स्कूल खुलेगे तो उसे पढ़ाई के साथ सामंजस्य बिठाने में शुरुआत में दिक्कत आ सकती हैं।


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