पिताजी को पत्र लिखकर पर्यटन में सम्मिलित होने की अनुमति मांगिए।

अनौपचारिक पत्र

पुत्र द्वारा पिताजी को पत्र

दिनाँक – 10 मार्च 2024

छात्रावास संख्या 02,
गांधी बिल्डिंग,
बिजनौर,
उत्तर प्रदेश।

 

पूजनीय पिता जी,
प्रणाम।

आशा करता हूँ आप सब घर पर स्वस्थ होंगे। मैं भी यहाँ छात्रावास में ठीक से हूँ और आजकल मेरे इम्तिहान चल रहे हैं और अब बस सामाजिक विज्ञान का ही पेपर बचा है। मेरे इम्तिहान इस बार बहुत अच्छे गए हैं।

पिताजी, इस बार गर्मियों की छुट्टियों में स्कूल की तरफ से हमें महाबलेश्वर ले जाया जा रहा है और तकरीबन सभी बच्चे वहाँ जा रहे हैं। मैं भी इस पर्यटन भ्रमण के लिए जाने का इच्छुक हूँ।

पिताजी पिछली बार भी दादा जी की तबीयत खराब होने के कारण मैं मुंबई जा नहीं पाया था। पिताजी मैंने महाबलेश्वर के बारे में बहुत सी जानकारी इंटरनेट के माध्यम से इक्कठी की है। महाबलेश्वर महाराष्ट्र के सतारा जिले में पश्चिमी घाट में स्थित है। महाबलेश्वर की खोज 1828 में सर मेल्कन ने की थी। महाबलेश्वर महाराष्ट्र का सबसे अच्छा एवं सुंदर पर्वतीय स्थल है। महाबलेश्वर अपने खूबसूरत झरनों और झीलों के लिए मशहूर है। महाबलेश्वर के मुख्य पर्यटन स्थलों में पंचगनी, प्रतापगढ़, 30 पॉइंट्स आदि मुख्य हैं।

महाबलेश्वर का प्राचीन महाबलेश्वर मंदिर भी यहाँ का एक धार्मिक और मुख्य पर्यटन स्थल है। महाबलेश्वर स्ट्राबरी की खेती के लिए भी बहुत मशहूर है।

पिताजी, मेरे वहाँ जाने से मेरे सामान्य ज्ञान में भी वृद्धि होगी और वैसे भी यह मेरे स्कूल का आखिरी साल है और उसके बाद जाने कब स्कूल के मित्रों से दोबारा मिल पाऊँगा। इसलिए आपसे विनती है कि कृपा मुझे इस पर्यटन पर जाने के लिए अनुमति प्रदान करें। आप सब अपना ध्यान रखना।

आपका प्यारा पुत्र,
अनुभव सिन्हा ।


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