‘समय का सदुपयोग’ पर एक निबंध लिखिए।

निबंध

समय का सदुपयोग

हम सभी जानते हैं की समय एक ऐसी चीज़ है जिसे कभी वापस नहीं लाया जा सकता । कहते हैं समय बहुत बलवान होता है और यह सत्य भी है । जिस व्यक्ति के पास समय है वह कोई भी मुकाम हासिल कर सकता है । हमारे जीवन में समय का अपना महत्व है । कहते हैं कि समय दिखाई नहीं देता पर बहुत कुछ दिखा देता है ।

समय का कहाँ पर उपयोग कितना करना है यह आपकी समझदारी पर निर्भर करता है । क्योंकि ”आपकी घड़ी सुधारने वाले तो कई मिल जायेंगे पर समय को आपको स्वयं सुधारना पड़ता है इसलिए समय के महत्व को समझें और इसका आदर करें ।
यदि आप अपने गुजरे हुए समय पर अफ़सोस कर रहे होते हैं तो ध्यान दें कि इस अफ़सोस में भी आप अपना वर्तमान समय गुजर रहे होते हैं। इसलिए गुजरे वक्त पर अफ़सोस के स्थान पर वर्तमान समय पर ध्यान देना चाहिए और इसे बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए।
सही चीज़ों को करने के लिए समय हमेशा ही सही होता है । कबीर दास जी ने भी अपने एक दोहे में कहा है कि अपने काम को कल पर मत टालिए। जो काम कल करने की सोच रहे हैं, उसे आज करें और जो आज करना है, उसे इसी वक्त करें, क्योंकि किसी भी पल का कोई भरोसा नहीं। जीवन बहुत छोटा है, अपना काम कब करोगे।

समय का सदुपयोग करने से मनुष्य की व्यक्तिगत उन्नति होती है । हमें बाल्यकाल से ही समय की अमूल्यता पर ध्यान देना चाहिए । शरीर को स्वस्थ बनाने के लिए समय पर सोना ,समय पर उठना, समय पर भोजन करना , समय पर व्यायाम करना , समय पर पढ़ना बहुत ही आवश्यक है। मानसिक उन्नति के लिए हमें प्रारम्भ से ही सद्दग्रंथों का अध्ययन करना चाहिए तथा अपने से बड़े, अपने से अधिक बुद्धिमान लोगों के साथ जीवनोपयोगी विषयों पर चर्चा करनी चाहिए । जिस काम के लिए जो समय निश्चित हो, उस समय वह काम अवश्य कर लेना चाहिए, तभी मनुष्य जीवन में उन्नति कर पाता है ।
कभी किसी काम को देर से शुरू न करो क्योंकि प्रारंभ में विलम्ब हो जाने से अन्त तक विलम्ब होता रहता है और उस कार्य में सफलता संदिग्ध रहती है । विदेशों में समय का मूल्य बहुत समझा जाता है । वहाँ का प्रत्येक व्यक्ति उसका सदुपयोग करना जानता है । यदि आपने किसी व्यक्ति को आठ बजे बुलाया है तो वह आपके पास ठीक आठ बजे आ जायेगा ,न एक मिनट पहले , और न एक मिनट पश्चात ।देश और समाज के प्रति हमारे कुछ कर्तव्य हैं । हमें अपना कुछ समय उनकी सेवा में भी लगाना चाहिए , जिससे देश और समाज की उन्नति हो । असहायों की सहायता करने में , भूखों के पेट भरने में, दूसरों के हित सम्पादन में जो अपना कुछ समय व्यतीत करता है वह भी समय का सदुपयोग करता है तथा उसका समाज में सम्मान होता है ।निष्कर्ष “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए ।” स्वामी विवेकानंद जी द्वारा कहे गए इन वाक्यों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए । समय एक रेत की तरफ है जो हर पल आपकी मुट्ठी से फिसलता जा रहा है । हम समय को नहीं रोक सकते न ही समय हमारे लिए रुकता है । बचपन से जवानी और जवानी से बुढ़ापा यहाँ समय ही तो है जो आपमें परिवर्तन आया है ।
समय पैसा से कहीं ज्यादा अधिक वैल्यू रखता है क्यूंकि आप खोया हुआ धन दुबारा कमा सकते हैं किन्तु खोया हुआ समय दुबारा नहीं ला सकते । इसलिए अपने इस समय की कदर करें और इसका सदुपयोग करना सीखें ।

 

 

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