‘नेता नहीं, नागरिक चाहिए।’ इस विषय पर निबंध लिखें।

निबंध

‘नेता नहीं, नागरिक चाहिए।

 

राजनीति के इस दौर में आज देश को सच्चे नागरिकों की जरूरत है, लेकिन आज हो इसके विपरीत रहा है, हर कोई व्यक्ति नेता बनना चाहता है और कोई व्यक्ति स्वयं को नेता समझता है और कोई व्यक्ति समझता है कि उसके अंदर दूसरों पर शासन करने का दूसरों को नेतृत्व प्रदान करने का गुण है। हर किसी में नेता बनने की धुन सवार है ।

जबकि किसी भी देश को नेता से अधिक सच्चे नागरिकों की आवश्यकता होती है। जब किसी देश के नागरिक सच्चे और इमानदार होंगे वह अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित होंगे तो वह अपने देश का नेता भी वैसा ही चुनेंगे। जिस देश के नेता योग्य, ईमानदारी, पढ़े-लिखे और समर्थ होंगे तो देश के नेता भी नागरिकों जैसे ही होंगे और ऐसे देश के विकास को कोई नहीं रोक सकता।

राजनीति के इस दौर में जब राजनीति जमीन से उतारकर सोशल मीडिया की वर्चुअल दुनिया में आ गई है और नेता और नेताओं के समर्थक एक दूसरे पर सोशल मीडिया के प्लेटफार्म के द्वारा कीचड़ करने से नहीं चूकते। ऐसी स्थिति में हमें देश को सच्चे एवं जागरूक नागरिकों की आवश्यकता है।

नेता बनना केवल स्वार्थ तक ही सीमित है क्योंकि नेताओं को केवल शासन और सत्ता चाहिए। उसे अपने विपक्षी की केवल बुराई ही करनी होती है और स्वयं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना होता है। नेताओं के अंदर छल और प्रपंच होता है यह उनके पेशे की आवश्यकता या मजबूरी कुछ भी कह लें, हैं।

नेता बनने के बाद वह जीवन के जरूरी मुद्दों से दूर हो जाता है, उसे केवल सत्ता को पाने वाले मुद्दे ही दिखाई देते हैं। वह केवल सत्ता को पाना चाहता है। उसे देश सेवा करने का रास्ता केवल सत्ता के माध्यम से ही दिखाई देता है, जबकि ये सच नही है। देश सेवा करने के लिए नेता नही बल्कि सच्चा नागरिक बनना चाहिए।

आज के समय में नेता बनने के लिए नकारात्मक गुणों का होना जरूरी हो गया है। नेता को बड़े-बड़े झूठे वादे करना आना चाहिए। उसे झूठे दावे करना आना चाहिए। विरोधी पर हर समय कीचड़ उछालने का गुण होना चाहिए। विरोधी की चाहे कोई बात अच्छी हो अगर बुरी हर बात का विरोध ही है। नेता बनने के लिए ये सारे जरूरी गुण है।

इसके विपरीत नागरिक बनने के लिए करने के लिए सकारात्मकता होनी बेहद आवश्यक है। एक अच्छा सच्चा नागरिक बनने के लिए जरूरी नहीं कि हम किसी की बुराई ही करें। किसी पर कीचड़ उछालें, हर समय अपने विरोधी की बुराई ही करें। एक सच्चा नागरिक बनने के लिए कोई विरोधी होना भी जरूरी नही।

एक अच्छा नागरिक बनने के लिए हमें केवल अपने संविधान प्रदत्त कर्तव्यों का निर्वहन करने की आवश्यकता है और देश के संविधान के अनुसार चलने की आवश्यकता है, तो वह देश के हित में ही होंगे।

माना कि नेता बनने में अलग ही आकर्षक है। नेता बनने के पीछे शक्ति और धन का आकर्षण हर किसी को नेता बनने के लिए उकताता है, यदि देश के सभी नागरिक नेता ही बनने लगेंगे तो हर जगह आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहेगा। तो सकारात्मकता का माहौल कैसे बनेगा।

सब नेता ही बनेंगे तो किसके लिए बनेंगे। नेता बनने के लिए जनता होनी भी आवश्यक है। देश के नागरिक ही देश की जनता होते हैं। देश के  सकारात्मक माहौल और सही विकास के लिए आवश्यक है कि इस देश को नेता नही नागरिकों की अधिक जरूरत है, तभी ये देश सही अर्थों मे विकास कर सकता है।


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