अर्थव्यवस्था के तीन प्रमुख क्षेत्र के नाम बताएं और उनके बारे में विस्तार से वर्णन करें।

अर्थव्यवस्था के तीन प्रमुख क्षेत्र

अर्थव्यवस्था के तीन प्रमुख क्षेत्र होते हैं। किसी भी अर्थव्यवस्था को ठीक प्रकार से समझने के लिए उसके तीनों प्रमुख क्षेत्रों को समझना आवश्यक होता है। अर्थव्यवस्था को तीन क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है, ये तीन क्षेत्र हैं… प्राथमिक क्षेत्र, द्वितीयक क्षेत्र और तृतीयक क्षेत्र इन तीनों क्षेत्रों के आधार पर ही अर्थव्यवस्था की संरचना तैयार होती है।

अर्थव्यवस्था के तीन प्रमुख क्षेत्र और उनके नाम

अर्थव्यवस्था के तीन प्रमुख क्षेत्र होते है, जो कि इस प्रकार हैं :·

  • प्राथमिक क्षेत्र
  • द्वितीयक क्षेत्र
  • तृतीयक क्षेत्र

प्राथमिक क्षेत्र

प्राथमिक क्षेत्र वह क्षेत्र होता है, जो प्राकृतिक संसाधनों का सीधे दोहन करता है और उनसे उत्पाद का निर्माण करता है। प्राथमिक क्षेत्र सीधे प्रकृति के संसाधनों को या उनकी सहायता से या तो संपूर्ण उत्पाद का निर्माण करता है अथवा ऐसे कच्चे उत्पाद का निर्माण करता है, जो द्वितीयक या तृतीयय क्षेत्र में में प्रयोग किया जाए। प्राथमिक क्षेत्र में कृषि, वानिकी, मछली उद्योग, पशुपाल उद्योग, कुक्कुट उद्योग, खनन, उत्खनन आदि गतिविधियां शामिल हैं। जैसे प्राथमिक क्षेत्र कृषि में कपास का उत्पादन किया जाता है, यही कपास द्वितीय क्षेत्र में वस्त्र उद्योग के लिए कच्चे माल का कार्य करती है। प्राथमिक क्षेत्र में कृषि कार्य में अनाज, दाल-दलहन, फल-सब्जी का उत्पादन किया जाता है जो कि एक पूर्ण उत्पाद है, और सीधे उपभोग के लिये तैयार है।

द्वितीयक क्षेत्र

द्वितीय क्षेत्र में समस्त उत्पादन संबंधी गतिविधियां शामिल होती हैं। द्वितीयक क्षेत्र विनिर्माण उद्योग, निर्माण उद्योग, उत्पादन उद्योग आदि से संबंधित होता है। विनिर्माण उद्योग की सारी गतिविधियां द्वितीयक क्षेत्र में की जाती है। द्वितीयक क्षेत्र में विनिर्माण, निर्माण, उत्पादन, गैस, जल, बिजली आपूर्ति जैसी गतिविधियां शामिल होती है। विनिर्माण उद्योग में वे गतिविधियां शामिल होती हैं, जिन्हें कारखाना कहा जाता है। कारखाने में कच्चे माल द्वारा एक उत्पाद का निर्माण किया जाता है। ये कच्चा माल प्राथमिक क्षेत्र से ही प्राप्त होता है।

विनिर्माण उद्योग में लघु उद्योग एवं वृहद उद्योग दोनों उद्योग शामिल होते हैं,जैसे कपड़ा उद्योग, चमड़ा उद्योग, मुद्रण उद्योग, लौह इस्पात उद्योग, कुटीर उद्योग, बर्तन उद्योग आदि अनेक उद्योग शामिल हैं। द्वितीयक क्षेत्र की एक अन्य गतिविधि निर्माण उद्योग है। निर्माण उद्योग के अंतर्गत आवासीय तथा गैर आवासीय संरचनाओं का निर्माण किया जाता है। इन संरचनाओं में इमारत, सड़क, पुल, बांध, हवाई अड्डे, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन, पार्क आदि संरचनाएं शामिल होती हैं। इस तरह की गतिविधियां अधिकतम शहरी क्षेत्रों में की जाती हैं। द्वितीयक क्षेत्र की अन्य गतिविधियों में गैस उत्पादन, जल उत्पादन, विद्युत उत्पादन आदि गतिविधियां शामिल हैं।

तृतीयक क्षेत्र

तृतीयक क्षेत्र सेवा से संबंधित क्षेत्र होता है। इस क्षेत्र में अधिकतर वे गतिविधियां शामिल होती हैं, जो सेवा कार्य से संबंधित होती हैं। तृतीयक क्षेत्र में कोई भी उत्पादन कार्य नहीं किया जाता। उदाहरण के लिए व्यापार करना, होटल चलाना, रेस्टोरेंट, जलपानगृह, परिवहन संचालन, संचार सेवाएं प्रदान करना, वित्तीय सेवाएं जैसे बैंकिंग बीमा आदि सेवाएं प्रदान करना, लोक प्रशासन तथा अन्य छोटी-मोटी सेवाएं प्रदान करना तृतीयक क्षेत्र की गतिविधियां हैं।


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