किस वर्ग के सदस्यों से आयोडीन प्राप्त की जाती है – A. हरै शैवाल B. भूरे शैवाल C. लाल शैवाल D. नील हरित शैवाल

किस वर्ग के सदस्यों से आयोडीन प्राप्त की जाती है, तो इस प्रश्न का सही विकल्प होगा :

B. भूरे शैवाल


स्पष्टीकरण :

‘भूरे शैवालों’ के द्वारा ‘आयोडीन’ प्राप्त की जा सकती है। भूरे शैवालों को सुखाकर बड़ी मात्रा आयोडीन प्राप्त की जा सकती है। भूरे शैवालों से आयोडीन की अलावा ‘आयोडोकार्बन’ भी प्राप्त किया जाता है।

भूरे शैवाल क्या होते हैं।

भूरे शैवाल फियोफाइसी वर्ग के बहुकोशीय यूकेरियोटिक शैवाल होते हैं। भूरे शैवाल फ़ाइकोकोलॉइड और फ़्यूकोक्सैन्थिन से भरपूर होते हैं। इन शैवालों में क्लोरोफिल c, 3-थायलाकोइड लैमेला और लैमिनारिन नामक खाद्य आरक्षित इकाई पाई जाती है। ये शैवाल फिलामेंट्स शैवाल होते हैं। इनकी लंबाई 30 सेमी तक हो सकती है। ये शैवाल ज्यादातर समुद्री शैवाल होते हैं। लेकिन कुछ शैवाल मीठे पानी में भी पाये जाते हैं। यह शैवाल ठंडे क्षेत्रों या ध्रुवीय क्षेत्रों में अधिकतर पाये जाते हैं। इन शैवालों में एक्टोकार्पस, डिक्ट्योटा, अलारिया, नेरियोसिस्टिस, पैडिना, लामिनेरिया आदि के नाम प्रमुख हैं।

शैवाल क्या हैं?

शैवाल से तात्पर्य उन पर्णहरित युक्त तथा संवहन उत्तक रहित और आत्मपोषी एवं सेललोज भित्ति वाले पादपों (पैधों) से होता है, जिनका शरीर सूकया के समान होता है। इन पादपों में सामान्य पादप की तरह जड़, तना एवं पत्तियां नहीं पाई जाती। अधिकतर शैवाल जलीय पौधे होते हैं, जो समुद्र या अन्य जलीय क्षेत्रों में उगते हैं।


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