बहु बुद्धिमत्ता के सिद्धांत के अनुसार कुल कितने प्रकार की बुद्धिमत्ता होती हैं​?

बहु बुद्धिमत्ता सिद्धांत

हावर्ड गार्डनर ने ‘बहु बुद्धिमत्ता सिद्धांत’ (Theory of Multiple Intelligences) का सिद्धांत प्रस्तुत किया था। इस सिद्धांत के अनुसार, मनुष्य में कुल 9 प्रकार की बुद्धिमत्ताएं होती हैं। इन बुद्धिमत्ताओं का विवरण इस प्रकार है:

  1. भाषायी बुद्धिमत्ता (Linguistic Intelligence) – इस प्रकार की बुद्धिमत्ता शब्दों और भाषा को समझने और प्रयोग करने की क्षमता से संबंधित होती है।
  2. गणितीय-तार्किक बुद्धिमत्ता (Logical-Mathematical Intelligence) : ये बुद्धिमत्ता तर्क और गणित के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच रखने की क्षमता को प्रदर्शित करती है।
  3. दृश्य-स्थानिक बुद्धिमत्ता (Visual-Spatial Intelligence) : दृश्यों और आकारों को समझने और उनका विश्लेषण करने की क्षमता दृश्य-स्थानिक बुद्धिमत्ता कहलाती है।
  4. शारीरिक-गतिशील बुद्धिमत्ता (Bodily-Kinesthetic Intelligence) : बुद्धिमत्ता के इस प्रकार में शरीर और आंदोलन को नियंत्रित और समायोजित करने की क्षमता विकसित होती है।
  5. संगीतात्मक बुद्धिमत्ता (Musical Intelligence) : संगीत, लय और तान को समझने और उनका निर्माण करने की क्षमता संगीतात्मकता बुद्धिमत्ता के अन्तर्गत परखी जाती है।
  6. अंतरव्यक्तिगत बुद्धिमत्ता (Interpersonal Intelligence) : इस बुद्धिमत्ता में अन्य लोगों की भावनाओं और दृष्टिकोणों को समझने की क्षमता का आकलन होता है।
  7. अंतरात्मिक बुद्धिमत्ता (Intrapersonal Intelligence) : अपनी भावनाओं और विचारों को समझने की क्षमता अंतरात्मिक बुद्धिमत्ता कहलाती है।
  8. प्राकृतिक बुद्धिमत्ता (Naturalist Intelligence) : प्रकृति और पर्यावरण को समझने और उनके साथ सामंजस्य बिठाने की क्षमता प्राकृतिक बुद्धिमत्ता में परखी जाती है।
  9. अस्तित्वशील बुद्धिमत्ता (Existential Intelligence) : येजीवन और अस्तित्व के गहन प्रश्नों पर विचार करने की क्षमता को बताती है।

गार्डनर के अनुसार, सभी व्यक्ति इन बुद्धिमत्ताओं के विभिन्न स्तरों से युक्त होते हैं, और शिक्षा तथा प्रशिक्षण के माध्यम से इन्हें और विकसित किया जा सकता है।


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